*श्रुतम्-291*
*अखंड भारत-10*
*आओ अखंड भारत का संकल्प ले*
1.कभी-कभी ऐसा विचार भी मन में आ सकता है कि जब हमारे श्रध्देय नेताओं ने विभाजन स्वीकार कर लिया तो हमें भी उसे स्वीकार कर लेना चाहिए। परंतु जरा विचार करें। जितने भी लोगों ने स्वाधीनता के लिए प्रयास किये, उनकी आंखों के सामने अखंड भारत था या खंडित भारत। इसका *उत्तर – अखंड भारत।*
2. द्वितीय विश्वयुध्द के बाद जर्मनी का विभाजन हो गया। इतनी सख्ती थीं कि अब यह विभाजन सदैव के लिए है ऐसा लगने लगा था परन्तु *आज जर्मनी फिर से अपने अखण्ड रूप में है। वियतनाम* का एकीकरण हो चुका है।
3.अखंड भारत के विषय को आम लोगों के हृदय तक पहुंचाने के लिए निम्न उपाय करने होंगे-
*-‘अखण्ड भारत स्मृति दिवस’ का आयोजन* करना, ताकि युवा पीढी के सामने अखण्ड भारत का सपना जागृत रहे।
4.अखण्ड भारत का चित्र अपने कमरों में लगाना,* यह हमारे आंखों के सामने रहेगा जिससे हमारा संकल्प और मजबूत होता रहे।