बाल संस्कार

 चरखी दादरी में विमान दुर्घटना

*श्रुतम्-210*

 *चरखी दादरी में विमान दुर्घटना*

चरखी दादरी में सऊदी अरब तथा कजाख यात्री विमानों की आकाश में हुई भिड़ंत के संदर्भ में भिवानी के स्वयंसेवकों ने 12 नवंबर 1996 को जो त्वरित सेवा कार्य किया, उससे राष्ट्रीय समाचार पत्रों का विशेष ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ। विशेष रूप से इसलिए भी कि इस विमान दुर्घटना के शिकार 312 व्यक्तियों में अधिकांश मुसलमान थे। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री श्री सी एम इब्राहिम, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री पी जे कुरियन, हरियाणा के मुख्यमंत्री तथा सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने इस दुर्घटना के बाद स्वयंसेवकों के कार्य की हार्दिक सराहना की।

स्वयंसेवकों ने मलबे में से   शव बाहर निकालने से लेकर लकड़ी में उनके क्षत-विक्षत शवों को रखने तथा बक्सों को ट्रकों में चढ़ाने और उतारने का कार्य किया। इसके अलावा मृतकों के शव पहचानने में सगे संबंधियों की सहायता और उन्हें सांत्वना देना, मृत शरीरों को ढकने के लिए सफेद कफन की आवश्यकता निशुल्क पूरी करना, शवों की फोटो प्रतियां तैयार करना तथा उन्हें उनके अपने बक्से में रखना, लूटने पर उतारू असामाजिक तत्वों पर कड़ी दृष्टि रखना आदि सारे कार्य संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए।

इन कार्यों में विहिप, बजरंग दल, भारत विकास परिषद, आर्य समाज आदि ने भी उनका हाथ बँटाया।

स्वयंसेवकों ने मुसलमानों के कुछ शवों का मौलवियों द्वारा अंतिम संस्कार किए जाने की भी व्यवस्था की।

सऊदी अरब के समाचार पत्र अल रियाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका के लिए उसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उसकी यह टिप्पणी थी कि- *”हमारा यह भ्रम कि संघ मुस्लिम विरोधी है अधिकतम सीमा तक दूर हो गया।”* यही नहीं देश के अनेक मुस्लिमों के भी इस आशय के पत्र समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए।

*यह स्वाभाविक ही है कि संघ के स्वयंसेवकों को निःस्वार्थ व निष्कपट भाव से सेवा करने की प्रेरणा प्रतिदिन की चलने वाली संघ शाखाओं से ही प्राप्त होती है।*

 

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