बाल संस्कार

ज्ञान विज्ञानं विमुक्तये

श्रुतम्-90

ज्ञान विज्ञानं विमुक्तये

यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)का ध्येय वाक्य है।
ज्ञान अर्थात् आध्यात्मिक ज्ञान, विज्ञान अर्थात् संसार का ज्ञान। दोनों ही मुक्ति के लिए है।
ज्ञान और विज्ञान के सम्यक् बोध से ही पूर्ण स्वातंत्र्य की अनुभूति संभव है।
ज्ञान विज्ञान का अर्थ है शिक्षा का संपूर्ण स्वरूप, जिसमें शिक्षा के सारे तत्वों का समावेश हो। शिक्षा के संपूर्ण स्वरूप को हासिल करने से ही विमुक्ति प्राप्त होती है। विमुक्ति अर्थात सभी बंधनों से आजादी। यहाँ पर बंधन से तात्पर्य अशिक्षा के बंधन से है अर्थात संपूर्ण शिक्षा को हासिल करने से ही अशिक्षा रूपी बंधन से मुक्ति प्राप्त होती है।
ज्ञान की आज चारों ओर चर्चा है, स्कूल कालेज द्रुतगति से खुल रहे हैं, और उनमें छात्रों की संख्या आँधी तूफान की भाँति बढ़ रही है। यह अच्छी बात है, शिक्षा का, साक्षरता का, अधिक से अधिक प्रचार होना ही चाहिए। पर साथ ही यह भी न भूलना चाहिए कि विज्ञान इस शिक्षा से भी अधिक आवश्यक है। ‘विज्ञान’ शब्द से हमारा मतलब उस साइंस से नहीं जो सत्यानाशी अणुबम और उदबम बनाकर नृशंस प्रलय का आयोजन कर रहा है, हमारा तात्पर्य उस साइंस से है जो आन्तरिक दृष्टिकोण में परिवर्तन करती है संयम, सदाचार, संतोष, पुरुषार्थ और परमार्थ की ओर प्रेरित करती है जिससे मनुष्य, मनुष्य में स्नेह, सौहार्द, भाईचारा, ईमानदारी, आदि ऐसे सद्भाव बढ़ते हैं।

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