बाल संस्कार

द्वादश ज्योतिर्लिंग – केदारनाथ

*श्रुतम्-297*

 *द्वादश ज्योतिर्लिंग*

 *5.केदारनाथ*

केदारनाथ भारत के *उत्तराखण्ड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले* में स्थित हिन्दुओं का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है।

उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में *केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित* होने के साथ *उत्तराखंड के चार धाम* और *पंच केदार* में से भी एक है।

यहाँ की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मन्दिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्‍य ही दर्शन के लिए खुलता है। पत्‍थरों से बने *कत्यूरी शैली* से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण *पाण्डव वंश के जनमेजय* ने कराया था। यहाँ स्थित *स्वयम्भू शिवलिंग* अति प्राचीन है।

आदि शंकराचार्य ने इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया।

केदारनाथ की बड़ी महिमा है। उत्तराखण्ड में बद्रीनाथ और केदारनाथ-ये दो प्रधान तीर्थ हैं, दोनो के दर्शनों का बड़ा ही माहात्म्य है। केदारनाथ के संबंध में लिखा है कि जो व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन किये बिना बद्रीनाथ की यात्रा करता है, उसकी यात्रा निष्फल जाती है और केदारनापथ सहित नर-नारायण-मूर्ति के दर्शन का फल समस्त पापों के नाश पूर्वक जीवन मुक्ति की प्राप्ति बतलाया गया है।

यह मन्दिर एक छह फीट ऊँचे चौकोर चबूतरे पर बना हुआ है। मन्दिर में मुख्य भाग मण्डप और गर्भगृह के चारों ओर प्रदक्षिणा पथ है। बाहर प्रांगण में नन्दी बैल वाहन के रूप में विराजमान हैं। मन्दिर का निर्माण किसने कराया, इसका कोई प्रामाणिक उल्लेख नहीं मिलता है, कहा जाता है कि इस मन्दिर का *जीर्णोद्धार आदि गुरु शंकराचार्य* ने करवाया था। मन्दिर को तीन भागों में बांटा जा सकता है १. *गर्भ गृह , २.मध्यभाग  ३. सभा मण्डप* ।

गर्भ गृह के मध्य में भगवान श्री केदारेश्वर जी का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग स्थित है ।

*जून २०१३* के दौरान भारत के उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश राज्यों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण केदारनाथ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा। मंदिर के आसपास कि मकान बह गए। इस *ऐतिहासिक मन्दिर का मुख्य हिस्सा और सदियों पुराना गुंबद सुरक्षित* रहा लेकिन मन्दिर के प्रवेश द्वार और उसके आस-पास के क्षेत्र को बहुत  अधिक नुकसान पहुंचा।

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