बाल संस्कार

पवित्र नदियाँ – सिन्धु नदी

*श्रुतम्-264*

 *पवित्र नदियाँ*

 *सिन्धु नदी*

सिंधु को न केवल भारतवर्ष की वरन्  *विश्व की विशाल नदी* होने का श्रेय प्राप्त है।

सिंधु का *उद्गम स्थान तिब्बत में स्थित कैलाश मानसरोवर के पास* है।

250 किलोमीटर तिब्बत में तथा 550 किलोमीटर जम्मू कश्मीर राज्य में बहने के बाद यह पाकिस्तान में प्रवेश करती है।

कश्मीर में सिंधु नदी 5200 मीटर गहरी घाटी में होकर बहती है। पाकिस्तान में सिंधु नदी में *सतलुज तथा सहायक नदियां झेलम (वितस्ता), चिनाव (चंद्रभागा) रावी, व्यास* आपस में संगम बनाती हुई मिलती है।

अपनी *सिंधु(सागर) के समान विशालता*  के कारण ही इसका नाम सिंधु पड़ा।

इसकी *लंबाई 2880 किलोमीटर* है।

इसका *जल ग्रहण क्षेत्र 1166000* वर्ग किलोमीटर में विस्तृत है। कराची के समीप यह नदी सिंधु सागर में मिल जाती है।

 

*कैलाश-मानसरोवर, साधुबेला, सक्खर* इसी के तट पर स्थित है।

 

*ऋग्वेद में वर्णित सप्त सिंधु* प्रदेश इसके दोनों ओर पंजाब तक विस्तृत था।

महाभारत में इस प्रदेश को *सौवीर* कहा गया है। वर्तमान पाकिस्तान में सिंध प्रांत इसी नदी के आसपास स्थित प्रदेश है। वैदिक संस्कृति का विकास यही हुआ।

*मोहनजोदड़ो व हड़प्पा* की खुदाई से प्राप्त जानकारी से इस प्रदेश के प्राचीन वैभव का पता चलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *