बाल संस्कार

*भारत को कमजोर करने के आंतरिक व बाह्य षडयंत्रों से सावधान रहें*

 *श्रुतम्-179*

*भारत को कमजोर करने के आंतरिक व बाह्य षडयंत्रों से सावधान रहें*

क्या आप मानते हैं कि भारत में वर्तमान में फैली हुई *महामारी* की *दूसरी लहर* वायरस के सामान्य रूप से फैलने के कारण आई है? एक पखवाड़े पहले तक कोई यह नहीं मानता था कि यह *दूसरी लहर* है, पर अब बहुत गहरा संदेह घर कर गया है ।

आप संपूर्ण *भारतीय उपमहाद्वीप* की स्थिति देखिए।‌ *पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान।* इन देशों में या *एशिया* के किसी अन्य देश में कोई *दूसरी लहर* नहीं आई। आज वहाँ वैसी ही स्थितियाँ हैं जैसी स्थितियाँ दो-ढाई महीने पहले भारत में थीं। फिर यह *बम* भारत में ही कैसे फटा? क्या उन सभी देशों के नागरिक *भारतीयों* से बहुत अधिक *अनुशासित* हैं? क्या वे *महामारी* से बचने के लिए चौबीस घंटे *मास्क* पहने रहते हैं? नहीं! क्या उनकी *भौगोलिक स्थिति* भारत से *भिन्न* है? नहीं! फिर, *दूसरी लहर* इन देशों को छू भी नहीं सकी और भारत को *तोड़* रही है, क्यों?

*आईसीएमआर* पहली वेव के समय कह चुकी है कि भारत में करोड़ों लोगों को यह *बीमारी* हो गई और उन्हें पता भी नहीं चला तो जब *करोड़ों लोग* इसे झेल गए, उनमें *रोग प्रतिरोधक क्षमता* बन गई तब *दूसरी लहर* इतनी *खतरनाक* कैसे हो गई ? और केवल *भारत में ही* क्यों हुई?

आप इस *महामारी* के पश्चात् की *वैश्विक परिस्थितियों* को देख लीजिए। *दवा, वैक्सीन* से लेकर *अर्थव्यवस्था प्रबंधन* तक। *भारत* ने पूरी *दुनिया* को चकित किया। और अब *चीन* की *असल चिंता* को समझिए।‌ *चीन* आज *भारत* को *मदद* की बात कर रहा है। पिछले साल *महामारी काल* में भी *घुसपैठ* कर रहा था। वहाँ *लात* खाने के पश्चात् वह इतना *सुधर* गया कि हमारी *मदद* करने लगा????

*पाकिस्तान* जैसा *चिरशत्रु* और *लंगड़ा* मदद की बात कर रहा है।

एक अत्यंत महत्वपूर्ण कारण यह दिखाई दे रहा है कि भारत की राष्ट्रवादी सरकार देश देशद्रोहियों के सामने झुक नहीं रही है।

विश्व की *फार्मा लाॅबी, ऑयल लाॅबी और आर्म्स लॉबी* ने इस *महामारी* और

*BlackLivesMatter* तथा  *जॉर्ज फ्लाॅयड* मुद्दों का *मीडिया* में भयानक उफान मचाकर जैसे अमेरिकन राष्ट्रवादी *ट्रंप* को हराया। क्योंकि *ट्रंप* इन *लॉबीज* के सामने खुलकर आ खड़े हुए थे। आज वही लोग *मोदी* के पीछे लगे हैं।

जानते है क्यों? क्योंकि…

… *फार्मा कंपनियों* का *बिजनेस* कम से कम *4 से 6 ट्रिलियन डॉलर (सालाना)* का है। कम से कम *1.25 ट्रिलियन डॉलर* का *वैक्सीन बिजनेस* जीरो कर दिया गया। *500 बिलियन डॉलर* का *PPE Kit* और *मास्क* का *बिजनेस* लगभग जीरो कर दिया गया।

*भारत* की *मेडिकल* के क्षेत्र में *आत्मनिर्भरता* से किसको *हानि* हो रही थी। हमेशा हाथ फैलाने वाला देश *वैक्सीन* बाँटने वाला देश कैसे हो गया, किसे यह बात पच नहीं रही थी ? *जर्मनी* जैसे देश की यह *पीड़ा* जानिए कि *ड्रग* के क्षेत्र में *भारत* ने हमें कैसे *पछाड़* दिया, फिर विचारिये।

और आगे चलें…

…अगले 2 – 3 सालों में भारत में *इलॅक्ट्रिक वाहनों* के लिए *75000 से 100000 चार्जिंग स्टेशन* बनाए जा रहे हैं जिससे *तेल* की खपत *30%* तक कम हो जाएगी। *वैश्विक ऑयल लॉबी* के मुँह पर यह करारा तमाचा है।

यही नहीं…

…भारत ने *LCA लड़ाकू विमानों* का व *ब्रह्मोस मिसाइल* का *निर्यात* चालू कर दिया है जो *वैश्विक आर्म्स लॉबी* के लिए *तगड़ा झटका* साबित हो रहा है।

*वर्तमान राष्ट्रवादी सरकार इन सभी की राह में बहुत बड़ा *काँटा* है…

…और यह मानकर चला जा रहा है कि इस *काँटे* को *जनता के गुस्से* से ही हटाया जा सकता है।

एक और पहलू…

*पश्चिम बंगाल* में *1.5 करोड़ बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं* व *असम* में भी कई *लाख घुसपैठिये* मेहमान बनाये जा चुके हैं।

*असम* व *बंगाल* भारत के लिए *कश्मीर* की तरह, शायद उससे भी *अधिक महत्वपूर्ण* है।

गूगल पर *“चिकन नेक”* सर्च करिए।

“आप मानें या ना मानें पर भारत में *चीनी बीमारी* की *दूसरी लहर* राष्ट्रवादी सरकार को हर मोर्चे पर *विफल* करने और देश में *सिविल वार* करवाने के लिए ही लायी गयी है।”

यह *चीन* और भारत में छिपे बैठे उसके *स्लीपर सेल* के *माओवादियों* का *खतरनाक खेल* है…

*विपक्षनीत* सरकारों की *राष्ट्रवादी* सरकार के विरुद्ध *महामारी* सम्बन्धी *नीच राजनीति* व *मीडिया* का *24×7 लाशें व ऑक्सीजन की कमी* दिखाना इस *षड्यंत्र* का ही हिस्सा है।

एक ही *माँ* सैकड़ों की *माँ* बन कर क्यों मर रही है ?

केवल *श्मशान* में ही *भीड़* क्यों ??

एक ही जैसे *70 ट्वीट* क्यों- कि हमारी *अम्मा* मर गयी *बिना ऑक्सीजन* के ??

*टूल किट गैंग* फिर से *सक्रिय* किसके *इशारे* पर ?

अचानक से *किसान* भी लौट आये *बॉर्डर* पर ?

जैसे ही महाराष्ट्र में *वसूली कांड* सामने आया, राष्ट्रवादी  *बंगाल* जीतते लगे…

… *महामारी* फिर से कैसे *प्रकट* हो गयी ???

यह एक गहरा *षड्यंत्र* ही है, मानो न मानो !!

यह एक *बहुत बड़ा युद्ध* हो सकता है! मैं कोई *विशेषज्ञ* नहीं हूँ पर *स्थितियाँ* देखिए और सोचिए कि *अचानक* यह केवल *भारत* के साथ ही क्यों हुआ…

यह एक *विकट जैविक अस्त्र* हो सकता है!!!

थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद यह *लड़ाई* बहुत आगे तक जाने वाली है।

अगर अगली *पीढ़ी* को *गुलाम* नहीं बनाना है तो हर हाल में…

…आपको क्या करना है इस बारे में आप स्वयं भली-भाँति समझते हैं।

*अब भी समय है समझ जाओ यह सब राष्ट्रवादी आंदोलन को रोक कर भारत को तोड़ने का षड्यंत्र है।*

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