बाल संस्कार

 भारत बना हिन्दुस्थान

*श्रुतम्-285*

 *अखण्ड भारत-4*

 *भारत बना हिन्दुस्थान*

 

पहले संपूर्ण हिन्दू जाति *जम्बू द्वीप* पर शासन करती थी। फिर उसका शासन घटकर *भारतवर्ष* तक सीमित हो गया। फिर कुरुओं और पुरुओं की लड़ाई के बाद *आर्यावर्त* नामक एक नए क्षेत्र का जन्म हुआ जिसमें आज के हिन्दुस्थान के कुछ हिस्से, संपूर्ण पाकिस्तान और संपूर्ण अफगानिस्तान का क्षेत्र था।

लेकिन लगातार आक्रमण, धर्मांतरण और युद्ध के चलते अब घटते-घटते सिर्फ *हिन्दुस्थान* बचा है।  यह कहना सही नहीं होगा कि पहले हिन्दुस्थान का नाम भारतवर्ष था और उसके भी पूर्व जम्बू द्वीप था।

कहना यह चाहिए कि आज जिसका नाम हिन्दुस्थान है वह भारतवर्ष का एक टुकड़ा मात्र है।  जिसे आर्यावर्त कहते हैं वह भी भारतवर्ष का एक हिस्साभर है और जिसे भारतवर्ष कहते हैं वह तो जम्बू द्वीप का एक हिस्सा है मात्र है।   जम्बू द्वीप में पहले देव-असुर और फिर बहुत बाद में कुरुवंश और पुरुवंश की लड़ाई और विचारधाराओं के टकराव के चलते यह जम्बू द्वीप कई भागों में बंटता चला गया।

*किसने बसाया भारतवर्ष :* त्रेतायुग में अर्थात भगवान राम के काल के हजारों वर्ष पूर्व *प्रथम मनु स्वायंभुव मनु के पौत्र और प्रियव्रत के पुत्र* ने इस भारतवर्ष को बसाया था, तब इसका नाम कुछ और था।

वायु पुराण के अनुसार महाराज प्रियव्रत का अपना कोई पुत्र नहीं था तो उन्होंने अपनी पुत्री के पुत्र *अग्नीन्ध्र* को गोद ले लिया था जिसका लड़का *नाभि* था।  नाभि की एक पत्नी मेरू देवी से जो पुत्र पैदा हुआ उसका नाम *ऋषभ* था। इसी ऋषभ के पुत्र *भरत* थे तथा इन्हीं भरत के नाम पर इस देश का नाम ‘भारतवर्ष’ पड़ा।

हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि राम के कुल में पूर्व में जो भरत हुए उनके नाम पर भारतवर्ष नाम पड़ा। यहां बता दें कि पुरुवंश के राजा   दुष्यंत और शकुन्तला के पुत्र भरत के नाम पर भारतवर्ष नहीं पड़ा।  इस भूमि का चयन करने का कारण था कि प्राचीनकाल में जम्बू द्वीप ही एकमात्र ऐसा द्वीप था, जहां रहने के लिए उचित वातारवण था और उसमें भी भारतवर्ष की जलवायु सबसे उत्तम थी।   यहीं विवस्ता नदी के पास स्वायंभुव मनु और उनकी पत्नी शतरूपा निवास करते थे।

राजा प्रियव्रत ने अपनी पुत्री के 10 पुत्रों में से 7 को संपूर्ण धरती के 7 महाद्वीपों का राजा बनाया दिया था और अग्नीन्ध्र को जम्बू द्वीप का राजा बना दिया   था। इस प्रकार राजा भरत ने जो क्षेत्र अपने पुत्र सुमति को दिया वह भारतवर्ष कहलाया।

भारतवर्ष अर्थात भरत राजा का क्षे‍त्र।

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