बाल संस्कार

राणा अमरसिंह

*श्रुतम्-140*

 राणा अमरसिंह

राजा कुंवर सिंह के दिवंगत हो जाने पर अंग्रेज अधिकारियों के मन में यह विश्वास पैदा हो गया कि अब बिहार प्रदेश में उन पर ना कोई प्रहार होगा ना उनकी पराजय होगी तथा अब सुख शांति मिलेगी कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई राणा अमर सिंह ने अपने भाई की आकांक्षा को साकार करने का संकल्प ले लिया।

इसलिए वे जगदीशपुर के राजा बन गए यद्यपि उनके मन में सत्ता का मोह या स्वार्थ का लेश मात्र भाव भी न था।

उन्होंने अपने जोश खरोश के साथ अंग्रेजों से युद्ध जारी रखा। उनके सिंहासन पर बैठ जाने के  कुछ ही दिन बाद अंग्रेजी फौजों ने सैनिकों को आरा नामक स्थान पर इकट्ठा करना प्रारंभ कर दिया। उनकी योजना थी कि जगदीशपुर पर अपना अधिकार कर लेना। इसकी जानकारी मिलते ही अंग्रेजी सेना के आगमन से पूर्व अमर सिंह ने शत्रुओं पर आक्रमण कर दिया । आरा में घमासान युद्ध हुआ व अंग्रेजी सेना पराजित हो गई ।

अपनी सेना की पराजय का समाचार प्राप्त करते ही ब्रिगेडियर डगलस तथा जनरल लुगाडे अपनी सेना लेकर राणा अमर सिंह पर आक्रमण करने के लिए चल पड़े। अंग्रेजी सेना बड़ी थी। तथा अमर सिंह की सेना बहुत छोटी थी। अतः आमने- सामने आकर विजय प्राप्त करना कठिन था । अमर सिंह ने अपनी बुद्धि कौशल्य का परिचय दिया।

अपनी सेना को छोटे-छोटे अनेक खंडों में बांटकर इधर-उधर छिपा दिया। यह क्रांतिकारी सैनिकों का गुट जब एक स्थान पर उपद्रव करता था। तो अंग्रेजी सेना अपना स्थान छोड़कर उन पर प्रहार करती थी। इसी समय क्रांतिकारियों का दूसरा सुप्त गुट उस छोड़े हुए क्षेत्र पर अपना कब्जा कर लेता था। इस विधि को अपनाने से अंग्रेजी सेना दुविधा व झंझट में फंस गई सेनापति लुगार्ड परेशान, निराश हो इतना हताश हो गया कि वह सेवा मुक्त होकर इंग्लैंड चले गया। ऐसे ही चालाकी का दूसरा भी प्रसंग आया आरा पर आक्रमण करके राणा अमर सिंह ने जब जगदीशपुर छोड़ा तो अंग्रेजी सेना ने उन्हें घेर कर पूरी नाकाबंदी कर दी। अतः

अमर सिंह तत्काल वहां ना आ सके।

अंग्रेजों को चकमा देने के लिए उन्होंने अफसरों द्वारा एक सूचना फैला दी कि अमर सिंह ने आरा पर पहुंच कर उस पर अधिकार कर लिया है। तत्काल अंग्रेजी सेना पूना आरा की ओर चल पड़ी तथा अमर सिंह ने जगदीशपुर पहुंचकर अपनी सुव्यवस्था कर डाली। इस प्रकार स्वतंत्रता संग्राम में अमरसिंह जैसे  महान राजाओं का योगदान सदैव प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।

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