बाल संस्कार

वयम् अमृतस्य पुत्राः

*श्रुतम्-175*

*वयम् अमृतस्य पुत्राः*

 *भारत की संतान को मृत्यु कभी पराजित नहीं कर सकती है*

हम सभी एक अत्यंत कठिन दौर से गुजर रहे है। सबका मन भारी और बोझिल है।  हमारे कई परिवारों में परेशानी चल रही है। सभी एक दूसरे के लगातार संपर्क में रहे।

बिना झिझक अपनी तकलीफ और आवश्यकताएं सांझा करे।  यह वक्त भी गुजर जायेगा, दवा से ज्यादा हौसले की जरूरत है।   किसी भी परिस्थिति में मनोबल कम न होने दे अपितु दूसरों की हिम्मत बढाये, हम सब एक परिवार है।

एक दूसरे से संवाद करे इससे  मन हल्का होगा। हम सभी इस परीक्षा को अच्छी तरह से पार करेंगे।

मन में यह दृढ़ निश्चय कर लें  कि हम सब इस कोरोना को मात दे कर ही मानेंगे एक छोटे से विषाणु के सामने प्रकृति व संसार की सबसे सुंदर रचना भारत  की संतान हार नहीं सकती। हम न तो  हारेंगे और न ही  हार मानेंगे क्योंकि हमारा एक ही मन्त्र है-

*वयम् अमृतस्य पुत्राः।*

आइए हम सब मिलकर  एक दूसरे का हौसला बने, एक दूसरे का विश्वास बने, एक दूसरे की खुशी का कारण बने।

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