बाल संस्कार

सागर सिंह सिसौदिया

स्वाधीनता का अमृत महोत्सव

मध्यभारत के गुमनाम नायक (Unsung Heroes) ……

सागर सिंह सिसौदिया

 

आपका जन्म सन् 1908 मेरठ (उत्तर प्रदेश) में हुआ। आपके पिता हंसराजसिंह सिसौदिया थे। बाद में आप गुना आकर बस गये थे। आपने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की। आप अध्ययन काल से ही क्रांतिकारियों के निकट सम्पर्क में आ गये थे। फौज में सार्जेंट मेजर के पद से स्तीफा देकर सन् 1930 में नमक सत्याग्रह में भाग लेने के कारण आगरा एवं फैजाबाद जेल में 8 माह का कारावास हुआ।

सन् 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन में पुनः गिरफ्तार हुये तथा सन् 1946 में लखनऊ जेल से रिहा किये गए। राजनीति के कारण से आर्मी से त्याग पत्र दिया। चंद्रशेखर आजाद, राधेश्याम शर्मा, भगवानदास माहोर, शत्रुघ्न सिंह, योगेश शुक्ला आदि से निकटता रही। बम आदि बनाने की पूरी तकनीक का ज्ञान ही प्राप्त नहीं किया अपितु अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं में देश के क्रांतिकारियों के साथ काम भी किया ।

गुना जिले के ज्ञागर के पास ग्राम भंडरा की पहाड़ियों में क्रांतिकारियों को बम आदि के चलाने तथा निशाने बाजी की ट्रेनिंग देने के कई कोर्स चलाये जिसमें ग्वालियर राज्य व उत्तर प्रदेश के कई लोगों ने शिक्षण प्राप्त किया था।

हथियार प्राप्त करने और क्रांतिकारियों तक पंहुचने बम बनाने, बम के खोल तैयार करने के कार्यो का उत्तरदायित्व निभाया।

 

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