बाल संस्कार

हरिसेवक मिश्रा

स्वाधीनता का अमृत महोत्सव

मध्यभारत के गुमनाम नायक (Unsung Heroes) ……

हरिसेवक मिश्रा

हरिसेवक मिश्रा जन्म 21 जनवरी 1914 ई. को भिण्ड में हुआ। आपके पिता का नाम प्यारे लाल शर्मा था। सन् 1939 में एक वर्ष ग्वालियर केन्द्रीय कारावार में भारतीय सुरक्षा अधिनियिम के तहत दण्डित होकर रहे और 1942 में अगस्त से 30 जून 1943 तक राजनैतिक बन्दी के रूप में ग्वालियर, सबलगढ़ और मुंगावली की जेलों में रहे।

सन् 1936 से ग्वालियर राज्य में सार्वजनिक सभा की भिण्ड जिले की प्रथम जिला कमेटी के सदस्य के रूप में कार्य आरम्भ किया। इसके और मध्यप्रदेश की विधानसभाओं के सदस्य के रूप में कार्य किया।यशवन्तसिंह कुशवाह के प्रमुख साथी के रूप में पूरा समय देकर सक्रिय रूप से उल्लेखनीय कार्य किये। राज्य के प्रथम राजनैतिक कैदी बनाये गये।

प्रसिद्ध मिहोना (बालाजी) प्रथम जिला राजनैतिक सम्मेलन को सफल बनाने में प्रशासनीय योगदान रहा। जागीरदार मछण्ड जिला भिण्ड से हुए संघर्ष में अग्रणी के रूप में कार्य किया । जिला जालौन उत्तर प्रदेश के आन्दोलन कार्य में सहयोग दिया। भिण्ड जिले में आने वाले क्रांतिकारियों से भी सम्पर्क रहा।

प्रगतिशील विचारधारा वाले कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय व्यक्तियों मे रहे। आपने क्षेत्रीय जनता को शिक्षा सुविधायें जुटाने में भी योगदान दिया। जिला सहकारी बैंक भिण्ड के अध्यक्ष पद पर काफी समय तक कार्यरत रहे।

 

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