बाल संस्कार

हिंदुत्व एक दृष्टि और जीवन पद्धति

*श्रुतम्-245*

 *हिंदुत्व एक दृष्टि और जीवन पद्धति*

 *हिंदुत्व* धर्म का पर्यायवाची है, जो भारतवर्ष में प्रचलित उन सभी आचार विचारों व्यक्ति और समाज में पारस्परिक सामाजिक समरसता, संतुलन तथा मोक्ष प्राप्ति के सहायक  तत्वों को स्पष्ट करता है।

यह एक जीवन दर्शन और जीवन पद्धति है जो मानव समाज में फैली समस्याओं को सुलझाने में सहायक है।

अभी तक *हिंदुत्व* को मजहब के समानार्थी मानकर उसे गलत समझा गया था, उसकी गलत व्याख्या की गई, क्योंकि *मजहब मात्र पूजा की एक पद्धति है जबकि हिंदुत्व एक दर्शन है* *जो मानव जीवन का समग्रता से विचार करता है* समाजवाद और साम्यवाद भौतिकता पर आधारित राजनीतिक एवं आर्थिक दर्शन है जबकि हिंदुत्व एक ऐसा दर्शन है जो मनुष्य की भौतिक आवश्यकताओं के अतिरिक्त उसकी मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक आवश्यकता की भी पूर्ति करता है।

कोई व्यक्ति मात्र सुविधाओं की प्राप्ति से प्रसन्न नहीं रह सकता।

*हिंदुत्व एक जीवन पद्धति है* *जो व्यक्ति की सभी वैध आवश्यकताओं और अभिलाषाओं को* *संतुष्ट करती है ताकि व्यक्ति मानवता के सिद्धांतों के साथ प्रसन्न रह सके।*

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *