बाल संस्कार

हिंदुत्व के प्रधान पक्ष-2 अहिंसा, माता-पिता एवं शिक्षकों के प्रति आदर, स्त्रीत्व के प्रति आदर

*श्रुतम्-249*

 *हिंदुत्व के प्रधान पक्ष-2 अहिंसा, माता-पिता एवं शिक्षकों के प्रति आदर, स्त्रीत्व के प्रति आदर*

 *अहिंसा*

साथी मनुष्यों एवं अन्य जीवित प्राणियों को शारीरिक अथवा मानसिक चोट नहीं पहुंचाना।

*माता पिता एवं शिक्षकों के प्रति आदर*

प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता पिता एवं शिक्षक का आदर भक्ति भाव से कर उनकी सेवा ईश्वर के समान ही करनी चाहिए। विशेषतः

उसे अपने माता-पिता के अशक्त एवं वृद्ध होने पर देखभाल करनी चाहिए तथा उन्हें बाहर वृद्धाश्रम में नहीं ढकेलना चाहिए। यह हिंदू जीवन पद्धति का एक अति आवश्यक मूल्य है।

 

*स्त्रीत्व के प्रति आदर*

स्त्रीत्व को अत्यधिक आदर प्रदान करना, हिंदू जीवन पद्धति के महत्वपूर्ण मूल्यों में से एक है। स्त्री को कामसुख की वस्तु न मानकर, देवीय-सांस्कृतिक धरोहर के रूप में स्वीकार किया जाता है। स्वयं की पत्नी को छोड़कर वह भी केवल उसकी पत्नी की भूमिका में, प्रत्येक स्त्री के साथ अपनी माता के समान व्यवहार करना, हिंदू जीवन पद्धति का अभिन्न अंग है। प्रत्येक स्त्री जिसमें बालिकाएं भी सम्मिलित हैं, मातृत्व के दैवीस्वरूप में स्वीकार की जाती है। इस मुल्य का विकास एवं सरंक्षण ही स्त्रियों पर घात करने की पुरुष की मूल प्रवृत्ति के विरुद्ध सर्वाधिक प्रतिरोधी उपाय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *