बाल संस्कार

हिंदुस्थान के बारे में प्रसिद्ध विदेशी हस्तियों के विचार-2

*श्रुतम्-257*

 *हिंदुस्थान के बारे में प्रसिद्ध विदेशी हस्तियों के विचार-2*

 

*मैक्स मूलर*

“यदि मुझसे कोई पूछे कि किस आकाश के तले मानव मन अपने अनमोल उपहारों समेत पूर्णतया विकसित हुआ है, जहां जीवन की जटिल समस्याओं का गहन विश्लेषण हुआ और समाधान भी प्रस्तुत किया गया, जो उसके भी प्रशंसा का पात्र हुआ जिन्होंने प्लेटो एवं कांट का अध्ययन किया, तो मैं भारत का नाम लूंगा। यदि कोई मुझसे पूछे कि वह कौन-सा साहित्य है जिससे हम यूरोपीय लोग (जो आज तक केवल ग्रीक, रोमन और यहूदी विचारों पर पाले पोसे गए हैं) उत्तुंग विचारों को प्राप्त कर सकते हैं जो हमारे आंतरिक जीवन को अधिक परिपूर्ण अधिक वैश्विक और सही अर्थों में मानवीय बनाने के लिए नितांत आवश्यक है, जो केवल इस जीवन के लिए ही नहीं अपितु देहांतर और शाश्वत जीवन के लिए भी आवश्यक है, तो मैं पुनः भारत की ओर ही इंगित करूंगा।”

 

*बिल ड्यूरांट*

“हमारे आक्रमण, उद्दंडता एवं लूटपाट के बदले भारत हमें सिखाएगा सहिष्णुता और परिपक्व मन की मृदुता  और अजेय आत्मा का निश्चल संतोष, सामंजस्य, भावना की शीतलता तथा सभी प्राणी मात्र से एकरूपतायुक्त शांतिप्रद स्नेह।”

 

*अर्नाल्ड जोसेफ टायनबी*

“मानव जाति के इतिहास के इस अति भयानक काल में सम्राट अशोक, रामकृष्ण परमहंस और महात्मा गांधी द्वारा बताया हुआ प्राचीन भारत का मार्ग ही उद्धार का एकमात्र मार्ग है। इसमें वह दृष्टिकोण और भावना है जिससे मानव जाति को एक परिवार के रूप में विकास करना संभव होगा। और इस परमाणु युग में यही एकमात्र मार्ग है जो हमें नष्ट होने से बचा सकता है।”

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