बाल संस्कार

हिन्दू धर्म में मंगल प्रतीकों का महत्त्व-6

श्रुतम्-68

हिन्दू धर्म में मंगल प्रतीकों का महत्त्व-6

कौडिय़ां :-

पीली कौड़ी को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। कुछ सफेद कौडिय़ों को केसर या हल्दी के घोल में भिगोकर उसे लाल कपड़े में बांधकर घर में स्थित तिजोरी में रखें। दो कौडिय़ों को खुद की जेब में भी हमेशा रखें इससे धन लाभ होगा।


मंगल सूत्र :-

हिंदू विवाहित नारी गले में मंगल सूत्र पहनती हैं। इसकी तुलना किसी अन्य आभूषण से नहीं की जाती। यह पति द्वारा पत्नी को विवाह के समय पहनाता है। यह मंगल सूत्र पति की कुशलता से जुड़ी मंगल कामना का प्रतीक है। इसका खोना या टूटना अपशकुन माना गया है। जहां मंगल सूत्र का काला धागा और काला मोती स्त्री को बुरी नजर से बचाता है वहीं उसमें लगे सोने के पेंडिल से स्त्री में तेज और ऊर्जा का संचार बना रहता है।


शालिग्राम :-

बहुत से लोग घर में छोटी-सी शिवलिंग जलाधारी रखते हैं। शिवलिंग की तरह शालिग्राम के भी कई चमत्कारिक लाभ हैं। शालिग्राम को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है। अधिकतर शालिग्राम नेपाल के मुक्तिनाथ, काली गंडकी नदी के तट पर पाए जाते हैं। काले और भूरे शालिग्राम के अलावा सफेद, नीले और ज्योतियुक्त शालिग्राम का पाया जाना तो और भी दुर्लभ है। पूर्ण शालिग्राम में भगवान विष्णु के चक्र की आकृति अंकित होती है। 33 प्रकार के शालिग्राम होते हैं, जिनमें से 24 प्रकार को विष्णु के 24 अवतारों से संबंधित माना गया है। माना जाता है कि ये सभी 24 शालिग्राम वर्ष की 24 एकादशी व्रत से संबंधित हैं। जिस घरों में शालिग्राम का पूजन होता है उस घर में लक्ष्मी का सदैव वास रहता है। शालिग्राम पूजन करने से अगले-पिछले सभी जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

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