बाल संस्कार

 *सकारात्मक चिंतन की शक्ति कैसे विकसित करें*

*श्रुतम्-193*

 *सकारात्मक चिंतन की शक्ति कैसे विकसित करें*

 वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि ब्रह्माण्ड का भी एक पुस्तकालय है (Universal Library) और हम जितने भी thoughts / विचार लेते हैं वो सब के सब उसी लाइब्रेरी से ही आते है. उससे बहार कुछ भी नहीं है।

वैज्ञानिक अध्ययन और उदाहरणों के आधार पर जो तथ्य सिद्ध हुआ है वह कहता है कि आप जो भी विचार (चाहे सकारात्मक या नकारात्मक) 45 seconds से ज्यादा समय तक पकड़ कर रखते हैं. या यूँ कहिये कि आप जिस भी विचार के बारे में सोचना शुरू करते हैं, आपकी सोच की शक्ति, उसी तरह के और विचारों को ब्रह्माण्ड की लाइब्रेरी (Universal Library) से आकर्षित करती है। और आपके चारों और उसी तरह की उर्जा बढ़ने लगती है।

 

अब चाहे आप सकारात्मक सोचें या नकारात्मक, यह उर्जा विश्लेषण, भेद भाव या सही गलत नहीं जानती। यह उर्जा सिर्फ उस एक विचार के जैसे और विचारों को आकर्षित कर उन्हें शक्ति प्रदान करती है।

 

इसीलिए कहा जाता है कि हमेशा सकारात्मक सोचें, क्योंकि जब भी आप सकारात्मक सोचना शुरू करते हैं तो आपकी सोच की शक्ति Universal Library से उसी ढंग के, उसी प्रकार के और बहुत से विचारों को आकर्षित करके उनमें उर्जा बढ़ाती है।

 

और इसीलिए आपने ज़रूर महसूस किया होगा के जब कभी भी आप नकारात्मक होते हैं, तो होते ही चले जाते हैं।

 

यही वजह है कि आप जिस तरह के भी सोच / विचार का चयन करते हैं, उसकी उर्जा, उसकी शक्ति बढ़ने लगती है और अंततः आप अपने जीवन में वही सब आकर्षित करने लगते हैं.

 

इसीलिए जीवन में चाहे जितनी भी परेशानी आ जाए, चाहे जो हो जाए, हमेशा कोशिश करिए कि चाहे ज़बरदस्ती ही सही, एक दृश्य, एक विचार, एक सोच जो सकारात्मकता से भरी हुई उस पर अपना सारा ध्यान केन्द्रित करेंगें।

 

हमें विश्वास नहीं होगा कि हमारे  21 दिनों तक ऐसा करने के अभ्यास से हमारा जीवन एक नया मोड़, एक नयी दिशा की और चल पड़ेगा

*और हमारे अंदर असंभव को संभव करने की शक्तियां स्वतः ही प्रकट होती चली जाएगी।*

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