बाल संस्कार

*श्रुतम्-209*

 *डबवाली का प्रलयंकारी अग्निकांड*

 

हरियाणा के स्वयंसेवकों की तत्परता का लोहा सबने माना जब डबवाली में भीषण त्रासदी घटी और लगभग 450 बच्चे, पुरूष और महिलाएं, जवान और बूढ़े स्थानीय डीएवी स्कूल के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आग लगने से चिर निद्रा में लीन हो गए।

सहायता कार्य के लिए दौड़ कर गए स्वयंसेवकों में स्थानीय नगर सह कार्यवाह श्री अशोक वढेरा भी एक थे।

उस धधकते हुए नारकीय कुंड में बार-बार जाकर उन्होंने 15 बच्चों के प्राण बचाए। इस प्रयास में उन्हें पता ही नहीं चला कि कब उनके शरीर ने आग पकड़ ली। इस पर भी उन्होंने अपना प्रयास नहीं छोड़ा और अंततः स्वयं मृत्यु को प्राप्त हुए।

केंद्रीय सरकार द्वारा उन्हें मरणोपरांत सम्मानित किया गया।

*यह उनके अत्यंत वीरता पूर्ण बलिदान की विनम्र स्वीकृति मात्र थी।*

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