बाल संस्कार

मातृभाषा

मातृभाषा / स्वभाषा निज भाषा उन्नति अहै, सब भाषा को मूल । बिनु निज भाशा ज्ञान…

सूक्तियाँ

सूक्तियाँ 1. जिसने ज्ञान को आचरण में उतार लिया, उसने ईश्वर को मूर्तिमान कर लिया –…

सरस्वती वंदना

या कुन्देन्दु- तुषारहार- धवला या शुभ्र- वस्त्रावृता या वीणावरदण्डमन्डितकरा या श्वेतपद्मासना | या ब्रह्माच्युत- शंकर- प्रभृतिभिर्देवैः…

आरंभ है प्रचंड

आरंभ है प्रचंड, बोलें मस्तकों के झुंड, आज जंग की घडी की तुम गुहार दो |…

देश हमे देता है सब कुछ

देश हमे देता है सब कुछ, देश हमे देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ…