बाल संस्कार

Lesson -18 संस्कृति बोध

Lesson -18 संस्कृति बोध
1- प्रातः स्मरणीय व कल्याणकारी छः मन्त्र
भारतीय संस्कृति एक महान संस्कृति है, इसमें न केवल जन्म से मृत्यु तक बल्कि दिन के प्रारम्भ से लेकर अंत तक की भी, महत्वपूर्ण एवं सुन्दर प्रार्थनाओं का समावेश किया गया है। मैं इनमें से दिन के प्रारम्भ की प्रार्थनों को आपके सम्मुख लेकर आया हूं, इस आशा के साथ कि ये प्रार्थनाएं निश्चित ही आपकी शारीरिक-मानसिक-धार्मिक उन्नति में सहायक होगी।
प्रातःकाल उठते ही अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़े तत्पश्चात अपने हाथों का दर्शन करते हुए, निम्न श्लोक को दोहरायें-
लक्ष्मी-सरस्वती-भगवान नारायण प्रार्थना मन्त्र-
काराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्।।1।।
2- बोधकथा -स्वर्ग के दर्शन

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Lesson -18 संस्कृति बोध
2- बोधकथा -स्वर्ग के दर्शन

https://youtu.be/g5nD0PBc4-Y

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